Click here for Myspace Layouts

Tuesday, August 16

भ्रष्टाचार और हजारे

पहले आया था एक बाबा
जो मैदान छोड़कर भागा
और अब आये हैं  एक हजारे
पर दुश्मन हैं  बहुत सारे
राज घाट पर मौन व्रत करके डेरा जमाया
दो घंटे से भी ज्यादा ध्यान लगाया
जुट गई थी भीड़ भी बहुत भारी
पुलिस भी आ गई थी बहुत सारी
मै डर गया की अब बाबा जैसा न हो हाल
पर अन्ना जी के समर्थक आराम से ले गए निकाल
अब सात बजे बुला रखी थी पत्रकारों की टोली
वहीँ पर अन्ना जी ने  बहुत ही अच्छी -अच्छी बाते बोली
वो बोले की दुसरे की भाषा बोल रहे हैं  प्रधानमंत्री
बिना हुक्म मिले राजघाट पर क्या कर सकते थे संत्री
सुबह-सुबह लोग आने हो गए थे शुरू
पर अपने ही घर में थे अभी महागुरु
दस बजे बनाया था अनशन का पोग्राम
चारो तरफ लग गया था पुलिस  का जाम
क्या कर रही है ये तानाशानी सरकार
आखिर अन्ना जी को कर ही लिया गिरफ्तार
हमें मिलकर हल्ला बोलना होगा
और  इस नासूर को ख़त्म करना होगा
अगर हो मन में भ्रष्टाचार का खातमा करना
चलो उठो और कसो कमर नही तो ऐसे ही मरना
   ............... जय हिन्द ...............

6 comments:

  1. "हमें मिलकर हल्ला बोलना होगा
    और इस नासूर को ख़त्म करना होगा
    अगर हो मन में भ्रष्टाचार का खातमा करना
    चलो उठो और कसो कमर नही तो ऐसे ही मरना"

    सही और आवश्यक सन्देश - अभी नहीं तो कभी नहीं

    टीवी बता रहा है अन्ना जी ९.१५ पर रिहा होंगे

    ReplyDelete
  2. सहज अभिव्यक्ति प्रवाहमय जीवन्त रचना....

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..

    ReplyDelete
  4. .



    अगर हो मन में भ्रष्टाचार का खातमा करना
    चलो उठो और कसो कमर नही तो ऐसे ही मरना


    जनता संगठित और सावधान हो जाए अब …
    सुन्दर रचना !



    मंगलकामनाओं सहित
    -राजेन्द्र स्वर्णकार

    ReplyDelete
  5. बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति..........

    ReplyDelete